वजन बढ़ाना, कमजोरी दूर करना, सेहत बनाने का मात्र एक आयुर्वेदिक तरीका

वजन कम होने का सबसे प्रमुख कारण मनुष्य के शरीर में स्थित कुछ कीटाणुओं की रासायनिक क्रिया का प्रभाव होना है|

यदि देखा जाए तो व्यक्ति का वजन यदि उसके शरीर और उम्र के अनुपात सामान्य से कम है तो वह दुबला व्यक्ति कहलाता है। जो व्यक्ति अधिक दुबला होता है वह किसी भी कार्य को करने में थक जाता है तथा उसके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे व्यक्ति को कोई भी रोग जैसे – सांस का रोग, क्षय रोग, हृदय रोग, गुर्दें के रोग, टायफाइड, कैंसर बहुत जल्दी हो जाते हैं। ऐसे व्यक्ति को अ

गर इस प्रकार के रोग होने के लक्षण दिखे तो जल्दी ही इनका उपचार कर लेना चाहिए नहीं तो उसका रोग आसाध्य हो सकता है और उसे ठीक होने में बहुत दिक्कत आ सकती है। अधिक दुबली स्त्री गर्भवती होने के समय में कुपोषण का शिकार हो सकती है ।

 

वजन कम होने के कारण

अग्निमांद्य या जठराग्नि का मंद होना ही अतिकृशता का प्रमुख कारण है। अग्नि के मंद होने से व्यक्ति अल्प मात्रा में भोजन करता है, जिससे आहार रस या ‘रस’ धातु का निर्माण भी अल्प मात्रा में होता है। इस कारण आगे बनने वाले अन्य धातु (रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा और शुक्रधातु) भी पोषणाभाव से अत्यंत अल्प मात्रा में रह जाते हैं, जिसके फलस्वरूप व्यक्ति निरंतर कृश से अतिकृश होता जाता है। इसके अतिरिक्त लंघन, अल्प मात्रा में भोजन तथा रूखे अन्नपान का अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से भी शरीर की धातुओं का पोषण नहीं होता।

→ सप्त धातु औ में कमी के कारण व्यक्ति का वजन कम हो सकता है।

→ पाचन शक्ति में गड़बड़ी के कारण व्यक्ति अधिक दुबला हो सकता है।

→ मानसिक, भावनात्मक तनाव, चिंता की वजह से व्यक्ति दुबला हो सकता है।

→ यदि शरीर में हार्मोन्स असंतुलित हो जाए तो व्यक्ति का वजन कम हो सकता है।

→ चयापचयी क्रिया में गड़बड़ी हो जाने के कारण व्यक्ति दुबला हो सकता है।

→ बहुत अधिक या बहुत ही कम व्यायाम करने से भी व्यक्ति दुबला हो सकता है।

→ आंतों में टमवोर्म या अन्य प्रकार के कीड़े हो जाने के कारण भी व्यक्ति को दुबलेपन का रोग हो सकता है।

mas-f-1-min

अत्यंत दुबले व्यक्ति के नितम्ब, पेट और ग्रीवा (गरदन) शुष्क होते हैं। अंगुलियों के पर्व मोटे तथा शरीर पर शिराओं का जाल फैला होता है, जो स्पष्ट दिखता है। शरीर पर ऊपरी त्वचा और अस्थियाँ ही शेष दिखाई देती हैं ।

सेहत कि कमजोरी और धातुओं कि कमी का आयुर्वेदा में अक्सीर इलाज है, वो भी प्राकृतिक और सुरक्षित आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से, जो इन सांतो धातुओ को पोषण देता है और सारे रोगों से आपकी रक्षा करता है|

शरीर की इन सातों धातुओं को पोषण देने वाली दुर्लभ औषधिया जैसे कि शुद्ध कौचा, मुसली, अश्वगंधा, शतावरी, जैसी शक्तिवर्धक औषधियों का मिश्रण अब आपको मिलेगा “अश्वशक्ति पाउडर” में जो कि पूरी तरह से शुद्ध आयुर्वेदिक पाउडर है. जो आपकी सेहत को निरंतर ह्रुस्ट पुष्ट रखेगा जिससे आपका शारीरिक व्यक्तित्व भी उभरेगा .अश्वशक्ति पाउडर तंदुरुस्ती व शारीरिक आकर्षण बढ़ाता है और दुबले पतले लोगो के लिए वरदान है |

अश्वशक्ति पाउडर

“अश्वशक्ति पाउडर” से मिलने वाले लाभ

→आपकी भूख को बढ़ाएँ.

→ रक्तादी सप्तधातुओं को बढाकर शरीर को बलवान एवं पुष्ट करता हे|

→ पेट की समस्त बीमारियों को ख़त्म करे |

→ कब्ज, एसिडिटी, खून की कमी ,थकावट चिडचिडापन आदि से दूर रखता है |

→ अश्वशक्ति पाउडर शरीर को पोषक तत्वों की सही मात्रा उपलब्ध कराने में मदत करता है।

→ आपका अधिकतम संतुलित वजन बढ़ाएँ

→ आपकी त्वचा के रंग में भी सुधार होता है

→ यह प्राकृतिक और सुरक्षित हर्बल पावडर है

→ अपने शारीरिक व्यक्तित्व और अपने शरीर के आकार में वृद्धि करे

→ यह आपके हार्मोन के असंतुलन को विनियमित करने के लिए आपकी मदद करता है

→ आंतों में टमवोर्म या अन्य प्रकार के कीड़े से रक्षा करता है

→ अश्वशक्ति पाउडर का कोई दुष्परिणाम नहीं है।

→ इस पाउडर का नियमित रूप से लम्बी अवधी के लिए उपयोग करने पर भी इसका कोई दुष्परिणाम नहीं है ।

इसको लेने के लिए यहाँ ऑनलाइन आवेदन (Inquiry) करे|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to Top